गति किसे कहते है? (Gati Kise Kahate Hain) गति के प्रकार व नियम

क्या आप गति के बारे में जानना चाहते है ? यदि हाँ तो आप इस पोस्ट में गति किसे कहते है? (Gati Kise Kahate Hain) के बारें में विस्तृत में जान सकते है |

आप स्कूल में पढ़ रहे है तो आप यहाँ पर गति की परिभाषा, गति के प्रकार, गति के उदाहरण आदि को सरल भाषा में समझ सकते है क्योंकि इस पोस्ट में गति को विस्तार से समझाया गया है |

गति का सूत्र, गति का समीकरणन्यूटन की गति के नियम भी यहाँ पर विस्तार से समझाये गए है |

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गति किसे कहते है? (Gati Kise Kahate Hain)

हम सभी जानते है कि गति का मतलब चलना, हिलना, डुलना, उड़ना, भागना आदि होता है | सूर्य के चारों और पृथ्वी का चक्कर लगाना, कार का चलना, प्लेन का उड़ना, पक्षियों का उड़ना इत्यादि गति के उदहरण है |

जब कोई वस्तु किसी समय में विरामअवस्था में रहती है तथा किसी अन्य समय में गतिमान रहती है तो इस प्रकार समय के साथ में उस वस्तु की जगह तथा स्थिति में बदलाव आ जाता है | इस बदलाव अथवा परिवर्तन को गति कहा जाता है |

गति को मोशन के नाम से भी जाना जाता है |

विज्ञान की भाषा में बोले को गति की परिभाषा इस प्रकार रहेगी |

गति की परिभाषा- समय के सापेक्ष किसी वस्तु की स्थिति में परिवर्तन को गति कहते है |

गति के उदाहरण- आकाश में हेलिकॉप्टर, प्लेन का उड़ना, पानी में नाव का चलना, सड़क पर वाहन का चलना आदि गति के उदाहरण है |

गति का मात्रक मीटर प्रति सेकंड होता है जिसे m/sec दर्शाते है |

हेलिकॉप्टर जब जमीन पर खड़ा होता है तो वह विराम अवस्था में होता है लेकिन जब वह हवा में उड़ना शुरू कर देता है तो अब वह गतिशील अवस्था में चला जाता है | इस प्रकार हेलिकॉप्टर का समय के सापेक्ष यह परिवर्तन गति कहलाता है |

गति का सूत्र इस प्रकार है-

गति का सूत्र- विस्थापन / समय

विस्थापन- एक निश्चित दिशा में दो बिन्दुओं के बीच की लम्बवत दूरी को विस्थापन कहते है | अधिक जानकारी के लिए यहाँ से पढे |

यह भी पढे- वोल्टेज किसे कहते हैं?

गति का समीकरण

गति के कुल 3 समीकरण है जो कि इस प्रकार है-

  • v=u+at
  • S = ut + 1/2 at²
  • v² – u² =2aS

गति के इन तीनों समीकरणों में u = प्रारंभिक वेग, = अंतिम वेग, a= त्वरण, = दूरी, = समय होता है |

गति का पहला समीकरण वेग व समय के संबध को बताता है।

गति का दूसरा समीकरण स्थिति तथा समय के संबंध को बताता है।

गति का तीसरा समीकरण स्थिति तथा वेग के बीच संबंध को बताता है।

गति के प्रकार

आपने एकविमीय, द्विविमीय तथा त्रिविमीय गति के नाम भी सुने होंगे | एक वस्तु गति के दौरान तीनों निर्देशांक अथवा दो निर्देशांक अथवा एक ही निर्देशांक में समय के साथ अपनी स्थिति में परिवर्तन कर सकती है |

अत: जब वस्तु एक निर्देशांक में अपनी स्थिति परिवर्तित करती है तो वस्तु की वह गति एकविमीय गति कहलाती है | एकदम सीधी सड़क पर कार का चलना एकविमीय गति का उदाहरण है |

इसी प्रकार वस्तु द्वारा दो निर्देशांकों में अपनी स्थिति में किया गया परिवर्तन द्विविमीय गति कहलाता है | घुमावदार सड़क पर बस का चलना द्विविमीय गति का उदाहरण है |

जब वस्तु तीनों निर्देशांकों में अपनी स्थिति में परिवर्तन करती है तो उसे त्रिविमीय गति कहा जाता है | आकाश में पतंग का उड़ना त्रिविमीय गति का सबसे अच्छा उदाहरण है |

गति के प्रकार निम्नलिखित होते है-

  1. सरल रेखीय गति
  2. एक समान गति
  3. असमान गति
  4. प्रक्षेप्य गति
  5. वृतीय गति
  6. एक समान वृतीय गति
  7. शुद्ध स्थानांतरित गति
  8. घूर्णन गति
  9. दोलनी गति
  10. आवृत गति
  11. अनियमित गति

सरल रेखीय गति

जब कोई वस्तु किसी एक सीधी रेखा में गति करती है तो उसे सरल रेखीय गति कहते है | सरल रेखीय गति को लाइनर मोशन भी कहा जाता है |

स्वतंत्र रूप से किसी वस्तु का ऊपर से नीचे गिरना सरल रेखीय गति का उदाहरण है |

एक समान गति

जब कोई वस्तु एक निश्चित समय के अंतराल में एक निश्चित दूरी तय करती है जो कि एक निश्चित दिशा में ही होती है, एक समान गति कहलाती है |

एक समान गति को उनीफ़ोर्म मोशन भी कहा जाता है |

जब कोई कार पहले घंटे तथा दूसरे घंटे में समान दूरी तय करे तो यह एक समान गति का उदाहरण है |

असमान गति

जब कोई वस्तु एक निश्चित समय के अंतराल में एक अनिश्चित दूरियाँ तय करती है जो कि एक निश्चित दिशा में ही होती है तो उसे असमान गति कहते है |

असमान गति को नॉन-उनीफ़ोर्म मोशन भी कहा जाता है |

साइकिल द्वारा जब एक निश्चित समय के अंतराल पर अलग-अलग दूरिया तय करना असमान गति का सबसे अच्छा उदाहरण है |

प्रक्षेप्य गति

जब किसी वस्तु अथवा पत्थर को पृथ्वी के धरातल से फेंका जाता है और वह पत्थर या वस्तु पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण में स्वतन्त्रता पूर्वक गति करता है तो उसे प्रक्षेप्य गति कहते है |

प्रक्षेप्य गति को प्रोजेक्टिक मोशन भी कहा जाता है |

मनुष्य द्वारा धनुष के द्वारा छोड़ा गया तीर प्रक्षेप्य गति का सबसे अच्छा उदाहरण है |

वृतीय गति

जब कोई वस्तु किसी वृताकार पथ में गति करती है तो उसे वृतीय गति कहते है | वृतीय गति को सर्कुलर मोशन के नाम से भी जाना जाता है |

घड़ी की सुइयों का चलना वृतीय गति का उदाहरण है |

एक समान वृतीय गति

जब कोई वस्तु एक समान चल से वृताकर पथ में गति करती है तो यह गति एक समान वृतीय गति कहलाती है |

एक समान वृतीय गति को उनीफ़ोर्म सर्क्युलर मोशन भी कहा जाता है |

शुद्ध स्थानांतरित गति

जब किसी वस्तु या पिण्ड के प्रत्येक कण का विस्थापन समान समय अंतराल में समान हो तो इस प्रकार की गति शुद्ध स्थानांतरित गति कहलाती है |

इसे ट्रांजेशनल मोशन की कहा जाता है |

किसी पिण्ड का तल पर फिसलना स्थानांतरित गति का उदाहरण है |

घूर्णन गति

जब कोई वस्तु किसी विंदु के अपनी धुरी पर चारों और घूमती है तो उसे घूर्णन गति कहते है |

घूर्णन गति को रोटेशनल मोशन के नाम से भी जाना जाता है |

पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूमना घूर्णन गति का उदाहरण है |

दोलनी गति

जब कोई वस्तु दोलन के रूप में गति करती है तो उसे दोलनी गति कहते है | दोलन गति किसी निश्चित बिन्दु के आगे-पीछे अथवा ऊपर-नीचे की गयी गति होती है |

दोलनी गति को ओसिलेटरी मोशन भी कहा जाता है |

झूले पर बच्चों का झूलना, दीवार घड़ी के पेंडुलम द्वारा की जाने वाले वाली गति दोलनी गति के उदाहरण है |

आवर्त गति

जब कोई वस्तु एक निश्चित समय पर गति करती है जो उसे आवर्त गति कहते है | आवर्त गति में वस्तु एक निश्चित समय के बाद गति दोहराती रहती है |

आवृत गति को रीकरिंग मोशन भी कहा जाता है |

अनियमित गति

जब कोई वस्तु किसी भी दिशा में अनियमित रूप से अपनी स्थिति परिवर्तित करती रहती है तो इस प्रकार की गति को अनियमित गति कहते है |

अनियमित गति को इररेगुलर मोशन भी कहा जाता है |

फूलों पर तितलियों का मंडराना अनियमित गति का शानदार उदाहरण है |

यह भी पढे- मानचित्र किसे कहते हैं?

न्यूटन की गति के नियम

गति के बारे में न्यूटन नाम के वैज्ञानिक द्वारा दिये गए नियमों को न्यूटन के नियम कहा जाता है | यह न्यूटन की पुस्तक प्रिंसिपिया में उल्लेखित किए गए थे |

न्यूटन ने गति के कुल तीन नियम बताए थे जो कि इस प्रकार है –

  1. न्यूटन की गति का प्रथम नियम
  2. न्यूटन की गति का द्वितीय नियम
  3. न्यूटन की गति का तृतीय नियम

न्यूटन की गति का प्रथम नियम (जड़त्व का नियम)

इस नियम के अनुसार यदि कोई वस्तु स्थिर अवस्था में है जो वह वस्तु तब तक स्थिर अवस्था में रहेगी जब तक उस पर कोई बाह्य बल नहीं लगाया जाता | इसी प्रकार यदि कोई वस्तु गतिशील अवस्था में है तो वह वस्तु तब तक गतिशील रहेगी जब तक उस पर कोई बाह्य बल लगाकर उसे विरामावस्था में नहीं लाया जा सकता है |

न्यूटन के प्रथम नियम को जड़त्व का नियम भी कहा जाता है |

रुकी हुई ट्रेन जब अचानक से चलने लगती है तो ट्रेन में बैठे यात्री पीछे की और झुक जाते है | यह न्यूटन की गति के प्रथम नियम का सबसे अच्छा उदाहरण है |

यह भी पढे-

न्यूटन की गति का द्वितीय नियम (संवेग का नियम)

इस नियम के अनुसार वस्तु के संवेग में परिवर्तन की दर उस वस्तु पर लगाए गए बल के समानुपाती होती है | तथा संवेग परिवर्तन लगाए गए बल की दिशा में ही होता है |

न्यूटन के द्वितीय नियम को संवेग का नियम भी कहा जाता है |

आपने क्रिकेट का मेच देखा व खेला भी होगा | जब कोई फील्डर गेंद को केच करते समय गेंद के वेग को कम करने के लिए अपने हाथों को पीछे की तरफ खींच लेता है | ताकि वह गेंद को केच कर सके और उसके हाथों को चोट भी नहीं लगे | यह न्यूटन की गति के द्वितीय नियम का सबसे अच्छा उदाहरण है |

न्यूटन की गति का तृतीय नियम (क्रिया-प्रतिक्रिया का नियम)

इस नियम के अनुसार प्रत्येक क्रिया में विपरीत प्रतिक्रिया होती है |

न्यूटन के तृतीय नियम को क्रिया प्रतिक्रिया का नियम भी कहते है |

बंदूक से गोली चलाते समय हाथ अथवा कंधे का पीछे की और खिसकना क्रिया-प्रतिक्रिया का उदाहरण है |

गति से संबन्धित पूछे जाने वाले प्रश्न व उत्तर

गति क्या है हिन्दी में डेफ़िनेशन?

समय के सापेक्ष वस्तु की स्थिति में परिवर्तन को गति कहते है |

गति किसे कहते हैं गति कितने प्रकार की होती है?

समय के सापेक्ष वस्तु की स्थिति में परिवर्तन को गति कहते है | गति के प्रकार निम्नलिखित है-
सरल रेखीय गति
एक समान गति
असमान गति
प्रक्षेप्य गति
वृतीय गति
एक समान वृतीय गति
शुद्ध स्थानांतरित गति
घूर्णन गति
दोलनी गति
आवृत गति
अनियमित गति

गति का प्रथम नियम का सूत्र क्या है?

v=u+at

गति के कितने नियम है?

गति के कुल तीन नियम है जो कि इस प्रकार है-
01. न्यूटन की गति का प्रथम नियम
02. न्यूटन की गति का द्वितीय नियम
03. न्यूटन की गति का तृतीय नियम

गति के समीकरण किसे कहते हैं?

गति का पहला समीकरण- v=u+at
गति का दूसरा समीकरण- S = ut + 1/2 at²
गति का तीसरा समीकरण- v² – u² =2aS

गति के प्रकार कितने होते है?

गति के प्रकार निम्नलिखित है –
सरल रेखीय गति
एक समान गति
असमान गति
प्रक्षेप्य गति
वृतीय गति
एक समान वृतीय गति
शुद्ध स्थानांतरित गति
घूर्णन गति
दोलनी गति
आवृत गति
अनियमित गति |

गति से आप क्या समझते है?

समय के सापेक्ष किसी की स्थिति में परिवर्तन को गति कहते है |

गति क्या है गति के प्रकार बताइए?

समय के सापेक्ष वस्तु की स्थिति में परिवर्तन को गति कहते है | गति के निम्नलिखित प्रकार है –
सरल रेखीय गति
एक समान गति
असमान गति
प्रक्षेप्य गति
वृतीय गति
एक समान वृतीय गति
शुद्ध स्थानांतरित गति
घूर्णन गति
दोलनी गति
आवृत गति
अनियमित गति |

एक समान गति से आप क्या समझते है?

जब कोई वस्तु एक निश्चित समय के अंतराल में एक निश्चित दूरी तय करती है जो कि एक निश्चित दिशा में ही होती है तो उसे एक समान गति कहते है |

अंतिम दो लाइन

आज आपने इस पोस्ट में गति किसे कहते है? (Gati Kise Kahate Hain) के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल की है |

इसे साथ की गति की परिभाषा, गति के प्रकार, गति के समीकरण, न्यूटन की गति के नियम आदि को भी इस पोस्ट में सरल भाषा में समझाया गया है | आपको यह जानकारी जरूर पसंद आई होगी |

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