संयुक्त परिवार किसे कहते हैं? (Sanyukt Parivar Kise Kahate Hain)

यदि आप संयुक्त परिवार किसे कहते हैं? (Sanyukt Parivar Kise Kahate Hain) जानना चाहते है तो यह पोस्ट आपके लिए बिलकुल सही है |

मैं इस पोस्ट में संयुक्त परिवार का अर्थ, प्रकार, संयुक्त परिवार के लाभ और हानि इत्यादि के बारे में बताने जा रहा हूँ |

संयुक्त परिवार (जाइंट फेमिली) क्या होती है, एक संयुक्त परिवार की विशेषताओं के बारे में जानने के लिए इस पोस्ट को जरूर पढे |

Sanyukt Parivar Kise Kahate Hain

संयुक्त परिवार किसे कहते हैं? (Sanyukt Parivar Kise Kahate Hain)

संयुक्त परिवार को अँग्रेजी में जोइण्ट फेमिली कहते है |

संयुक्त परिवार का अर्थ दो या दो से अधिक प्राथमिक परिवारों का एक बड़ा समूह होता है जिसमें सभी सदस्य एक ही घर में निवास करते है |

यदि आप भी अपने पापा, मम्मी, भाई, बहन, चाचा, चाची, ताऊ, ताई, दादा, दादी, चाचा के बच्चे, ताऊ के बच्चे आदि एक ही घर में रहते है और सभी का खाना एक जगह बनता है तो आपका परिवार भी संयुक्त परिवार कहलाएगा |

संयुक्त परिवार में एक अथवा अधिक सदस्य कमाते है तथा पूरे परिवार का भरण पोषण करते है |

संयुक्त परिवार में एक मुखिया होता है जिसके द्वारा पूरे परिवार के निर्णय लिए जाते है |

भारत देश में संयुक्त परिवार प्रणाली अभी पायी जाती है | भारत में लोग संयुक्त परिवार में रहना पसंद करते है जबकि विदेशों में संयुक्त परिवार देखने को नहीं मिलते है |

संयुक्त परिवार की परिभाषा

अलग-अलग विद्वानो से संयुक्त परिवार की अलग-अलग परिभाषा बताई गयी है जिनमें से डा. दुबे, इराबती कर्वे व आईपी देसाई प्रमुख है |

इराबती कर्वे व आईपी देसाई ने संयुक्त परिवार की परिभाषाएँ दी है जिन्हें आप किताबों में पढ़ सकते है |

मैंने इस पोस्ट में संयुक्त परिवार को सरल हिन्दी भाषा में समझाया है |

हम कह सकते है कि वह परिवार जिसमें तीन अथवा तीन से अधिक पीढ़ियों के लोग एक साथ रहते है तथा जिनका खाना एक ही जगह बनता है व संपति सामूहिक होती है उसे संयुक्त परिवार कहते है |

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संयुक्त परिवार के प्रकार

संयुक्त परिवार के प्रकार निम्नलिखित है –

साथ में रहने वाले रिशतेदारों के आधार पर संयुक्त परिवार 6 प्रकार के होते है |

  1. संपार्श्विक संयुक्त परिवार
  2. पूरक संपार्श्विक संयुक्त परिवार
  3. रेखीय संयुक्त परिवार
  4. अनुपूरक रेखीय संयुक्त परिवार
  5. रैखिक संपार्श्विक संयुक्त परिवार
  6. पूरक रैखिक-संपार्श्विक संयुक्त परिवार

वंशानुक्रम के आधार पर संयुक्त परिवार 2 प्रकार के होते है |

  1. मिताक्षरा संयुक्त परिवार
  2. डक्स ए भाग संयुक्त परिवार

संपार्श्विक संयुक्त परिवार– जब दो भाइयों की शादी अन्य दो लड़कियों से हो जो आपस में बहने हो, तो ऐसे दो जोड़ें अपने बच्चों के साथ एक ही परिवार में रहते है, इस प्रकार के संयुक्त परिवार को संपार्श्विक संयुक्त परिवार कहते है |

पूरक संपार्श्विक संयुक्त परिवार– जब संपार्श्विक संयुक्त परिवार में दोनों भाइयों की विधवा माँ, अथवा अविवाहित अन्य भाई बहन साथ में रहते है तो ऐसे संयुक्त परिवार को संपार्श्विक संयुक्त परिवार कहा जाता है |

रेखीय संयुक्त परिवार– वह संयुक्त परिवार जिसमें माता-पिता तथा उनका विवाहित पुत्र अपनी पत्नी के साथ रहते है तो ऐसे दो वंशीय संबंध युक्त दो जोड़ें एक ही परिवार में रहते है तो इसे रेखीय संयुक्त परिवार कहते है |

अनुपूरक रेखीय संयुक्त परिवार – रेखीय संयुक्त परिवार के सदस्यों के साथ जब अविवाहित, तलाकशुदा या विधवा पिता का विधुर भाई, पुत्र की पत्नी का विवाहित भाई इत्यादि एक ही परिवार में रहते है तो उसे अनुपूरक रेखीय संयुक्त परिवार बोलते है |

रैखिक संपार्श्विक संयुक्त परिवार– वह परिवार संपार्श्विक संयुक्त परिवार व रेखीय संयुक्त परिवार के गुण शामिल हो तो ऐसा संयुक्त परिवार रेखीय संपार्श्विक संयुक्त परिवार कहलाता है |

पूरक रैखिक-संपार्श्विक संयुक्त परिवार- इस प्रकार के संयुक्त परिवार में पूरक संपार्श्विक संयुक्त परिवार व रेखीय संयुक्त परिवार दोनों के गुण होते है |

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संयुक्त परिवार का आधार

संयुक्त परिवार में प्रत्येक सदस्य दूसरे सदस्यों की हर समय पर मदद करने के लिए तैयार रहता है | इस प्रकार परिवार के सभी सदस्य मिलकर एक साथ संगठन में रहते है |

एकता एवं एक दूसरे को अपना समझना ही संयुक्त परिवार का आधार होता है |

संयुक्त परिवार के गुण व दोष (लाभ और हानि)

संयुक्त परिवार के कई सारे लाभ और हानि दोनों है | अब मैं आपको संयुक्त परिवार के गुण व दोष अथवा लाभ व हानि के बारें में विस्तार से बताने जा रहा हूँ |

चूंकि भारत में प्राचीन काल से संयुक्त परिवार की प्रथा देखी गयी है | वर्तमान में भी कई सारे परिवार संयुक्त परिवार में ही रहते है तथा संयुक्त परिवार से रहना उन्हें अच्छा लगता है |

एक संयुक्त परिवार के निम्नलिखित लाभ है –

  • संयुक्त परिवार में चली आ रही परम्पराओं के अनुसार कार्य किए जाते है | परिवार का मुखिया अपने परिवार की संस्कृति को बनाए रखते हुए कार्य व निर्णय लेता है |
  • संयुक्त परिवार में सभी सदस्यों का व्यवहार एक दूसरे के प्रति अच्छा व शालिन होता है | लोग एक दूसरे की कद्र करते है |
  • संयुक्त परिवार में आर्थिक संकट कभी नहीं आता है क्योंकि संयुक्त परिवार में एक से अधिक सदस्य अलग-अलग रोजगार के द्वारा पैसे कमाते है | जिसकी वजह से आर्थिक संकट आना संभव ही नहीं हो पाता है |
  • संयुक्त परिवार मे एक सदस्य के हितों की रक्षा के बजाय पूरे परिवार के हितों की रक्षा में अधीन ध्यान दिया जाता है | परिवार के हितों की रक्षा के लिए व्यक्तिगत हितों पर ध्यान नहीं दिया जाता है |
  • संयुक्त परिवार में बच्चों का पालन पोषण अधिक अच्छा होता है क्योंकि परिवार में कई सारे अनुभवी लोग रहते है जिससे काफी मदद मिलती है |
  • संयुक्त परिवार में त्योहारों का बड़े धूमधाम से मनाया जाता है |
  • संयुक्त परिवार में छोटे बच्चों के मनोरंजन व खेल कूद से बहुत सारे साधन होते है | एक संयुक्त परिवार में कई सारे छोटे बच्चे होते है जो मिलजुल कर खेल खेलते रहते है | कुछ बच्चे दादा-दादी से कहानियाँ सुनते है |
  • संयुक्त परिवार में अनुभव की अधिकता की वजह से नई पीढ़ी जिनमें युवा शामिल है, को अपने जीवन को अच्छा एवं खुशहाल बनाने के लिए परिवार के अनुभवी लोगों से लगातार सलाह मशवरा मिलता रहता है |
  • संयुक्त परिवार में अधिकतर कार्य जैसे पूरे परिवार का एक ही जगह खाना इत्यादि की वजह से फिजूलखर्ची बहुत ही कम होती है |
  • संपति परसंयुक्त परिवार के सभी लोगों का समान अधिकार होता है |

एक संयुक्त परिवार के निम्नलिखित दोष अथवा हानि होती है –

  • संयुक्त परिवार की वजह से जातिवाद, उपजातिवाद को बढ़ावा मिलता है |
  • संयुक्त परिवार होने की वजह से परिवार में पुरानी परम्पराओं का चलन ज्यादा होता है पर समय के साथ नए परिवर्तन करने का विरोध किया जाता है |
  • एक संयुक्त परिवार में पुरुष की प्रधानता अधिक होती है जबकि महिला को आगे नहीं बढ़ने दिया जाता है |
  • संयुक्त परिवार में यदि कोई सदस्य कुछ हटकर करना चाहता है तो उसका वही संयुक्त परिवार रोड़ा बनता है |
  • संयुक्त परिवार में कुछ सदस्य ऐसे होते है जो अपने ही परिवार के दूसरे सदस्यों से हीन भावना व ईर्ष्या रखते है | जिसकी वजह से परिवार में क्लेश का माहोल बना रहता है |

संयुक्त परिवार की विशेषताएँ व महत्व

एक संयुक्त परिवार की निम्नलिखित विशेषताएँ होती है –

  • परिवार के सभी सदस्य संगठित होकर रहते है |
  • संपति पर संयुक्त रूप से सभी लोगों का अधिकार होता है |
  • संयुक्त परिवार में एक मुखिया का सम्पूर्ण नियंत्रण होता है |
  • संयुक्त परिवार में अधिक सदस्य होने के कारण विभिन्न प्रकार के कार्यक्र्म, त्योहार धूम धाम से मनाये जाते है |
  • सभी सदस्यों का एक ही जगह तथा एक साथ खाना बनने की बदोलत सभी अपना-अपना काम सही ढंग से करते है |
  • परिवार के विभिन्न सदस्य अलग-अलग रोजगार करते है इसलिए आर्थिक स्थिति मजबूत रहती है |
  • सदस्यों का परस्परिक व्यवहार शालीन व सरल होता है | लोग एक दूसरे का आदर करते है |
  • अनुभव का सही ढंग से उपयोग संयुक्त परिवार में ही देखते को मिलता है |

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संयुक्त परिवार के विघटन के कारण

भारत में प्राचीन काल से लोग संयुक्त परिवार में रहते आ रहते है लेकिन आधुनिक युग में संयुक्त परिवार का निरंतर विघटन होता चला आ रहा है |

आजकल लोग संयुक्त परिवार के बजाय एकल परिवार में रहना पसंद करने लगे है | इससे जाहीर होता है कि संयुक्त परिवार का आने वाले दिनों में किताबों से पढ़ने को मिलेगा |

एक संयुक्त परिवार के विघटन के निम्नलिखित कारण/कारक उतरदायी है –

  • भारत में संयुक्त परिवार के विघटन का मुख्य कारण पाश्चात्य संस्कृति एवं शिक्षा का प्रभाव है | जैसे जैसे लोग शिक्षित होते गए वैसे वैसे व्यक्तिगत अधिकारों की बाते होने लगी | व्यक्तिगत स्वतन्त्रता एवं अधिकार संयुक्त परिवार के विघटन के लिए उत्तरदायी है |
  • जीविका उपार्जन के लिए लोग शहरों की और पलायन होने लगे | संयुक्त परिवार में लोगों के भरण पोषण के लिए केवल खेती पर निर्भर रहकर भरण पोषण करना संभव नहीं होने लगा | फलस्वरूप संयुक्त परिवार टूटते गए |
  • भारत में संयुक्त परिवार के विघटन का प्रमुख कारण औद्योगीकरण तथा नगरीकरण भी है | लोग परिवार नौकरी करने के लिए अन्य स्थान पर जाने लगे है व एकल परिवार जीने लगे है |
  • आधुनिक तकनीकी के कारण लोग एक दूसरे से कहीं भी कभी भी विडियो कॉल करके बात कर सकते है | जिससे ऐसा लगता है कि वह अपने परिवार के लोगों के पास ही है | इसलिए काम धंधे के लिए लोग संयुक्त परिवार को छोड़कर दूर जाने में बिलकुल भी संकोच नहीं करते है |

संयुक्त परिवार टॉपिक से संबन्धित परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्न

संयुक्त परिवार किसे कहते है इसकी विशेषताएँ बताइए?

वह परिवार जिसमें तीन अथवा तीन से अधिक पीढ़ियों के लोग एक साथ रहते है तथा जिनका खाना एक ही जगह बनता है व संपति सामूहिक होती है उसे संयुक्त परिवार कहते है |
एक संयुक्त परिवार की विशेषताएँ इस पोस्ट में लिखी हुई है जिन्हें आप पढ़ सकते है |

संयुक्त परिवार का अर्थ क्या होता है?

संयुक्त परिवार में एक से अधिक एकल परिवार अथवा प्राथमिक परिवार होते है जो सम्मिलित रूप से एक साथ रहते है |

संयुक्त परिवार की परिभाषा क्या है?

वह परिवार जिसमें तीन अथवा तीन से अधिक पीढ़ियों के लोग एक साथ रहते है तथा जिनका खाना एक ही जगह बनता है व संपति सामूहिक होती है उसे संयुक्त परिवार कहते है |

संयुक्त परिवार में कितने सदस्य होते है?

एक संयुक्त परिवार में कई सारे सदस्य हो सकते है | सदस्यों की संख्या निर्धरित नहीं की जा सकती है |

अंतिम दो लाइन

आपने इस पोस्ट में जाना कि आखिर संयुक्त परिवार किसे कहते हैं? (Sanyukt Parivar Kise Kahate Hain) तथा एक संयुक्त परिवार की क्या-क्या विशेषताएँ होती है?

मैंने इस पोस्ट में संयुक्त परिवार के बारे में विस्तार से समझाया है | आपको यह पोस्ट जरूर पसंद आई होगी |

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